रायपुर (किशन खटीक)। राष्ट्रभक्ति के विचारों से ओत-प्रोत होकर देश की सेवा करें। क्योंकि जीवन में संस्कार सीखने का कार्य विद्या भारती के विद्यालयों में प्रवेशिका से लेकर कक्षा 12 तक पढ़ने वाले पढ़ने भैया-बहिनो द्वारा किया जाता है। उक्त विचार विद्या भारती भीलवाड़ा के जिला सचिव एवं पूर्व प्रधानाचार्य देवराजसिंह राणावत ने आदर्श विद्या मंदिर माध्यमिक विद्यालय रायपुर में आयोजित पूर्व छात्र परिषद के स्नेह मिलन कार्यक्रम में मुख्य वक्ता पद से उपस्थित पूर्व छात्र-छात्राओं के समक्ष व्यक्त किये। राणावत ने कहा कि जीवन में सदैव प्रगति करते हुए सनातनी सस्कृति के संस्कारों के साथ आगे बढ़े जिससे हमारा राष्ट्र भी आगे बढ़ेगा और हमारे महापुरुषों का गौरव भी बढ़ेगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व छात्र हरिओम झवर ने कहा कि आगामी सम्मेलन में अधिक से अधिक छात्रों को जोड़कर सामाजिक सरोकारों के कार्यों जैसे रक्तदान,वृक्षारोपण आदि में संलग्न किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व छात्र सागर मूंदड़ा ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता एवं सरस्वती माता के चित्रों के समक्ष अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन एवं धूपबत्ती से हुआ। कार्यक्रम में पूर्व छात्र एकलव्य वैष्णव, लकी वैष्णव, श्यामलाल कुमावत आदि ने अपनी सफलता की प्रेरक जीवनी प्रस्तुत कर सबको राष्ट्र भक्ति और रोजगार की ओर प्रेरित किया । कार्यक्रम का संचालन आचार्य भेरूलाल कुम्हार ने किया। आदर्श विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य विजयसिंह चुंडावत ने समस्त छात्र-छात्राओं का स्वागत अभिनंदन किया। कार्यक्रम में कंचन कुमावत, गिरिजा चौहान, सांवरलाल खटीक, धर्मेश गाडरी सहित 70 छात्र-छात्राओं एवं विद्यालय के आचार्य दीदीयो ने भाग लिया।